कलम

देश काग़ज़ पर बना नक़्शा नहीं होता- सर्वेश्‍वरदयाल सक्‍सेना

सुनें सर्वेश्‍वरदयाल सक्‍सेना की कविता- देश काग़ज़ पर बना नक्‍़शा नहीं होता ! https://youtu.be/vPG03XzVfPk
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पुलवामा के वो सवाल, जो सोने नहीं देते !

पिछले तीन-चार दिनों से भीतर एक अज़ीब तरह की उधेड़बुन चल रही है। पुलवामा का हादसा न चाहते हुए भी छाती पर पांव धरे खड़ा …
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अनेक ‘‍इंडिया-गेट’ बन जाने की भूमिकाएं

मानव इतिहास में अनेक युद्ध हुए हैं। अरबों ज़ानें यूं ही किसी के हितों को साधते, किसी के साम्राज्‍य को बचाते, किसी की शौन-औ-शौक़त को …
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क्‍या यह तस्‍वीरें ख़ुशकिस्‍मती की हैं?

यह तस्‍वीर ग़ौर देखिए। वह शख्‍़स बेहद दयनीय व निरीह स्थिति में खड़ा है जिसने राम-मंदिर के नाम पर इस देश को नफ़रत की सतत …
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किताबों में यह सवाल क्‍यों नहीं?

आप अपने बच्‍चों की पाठ्य-पुस्‍तकें उठाइए। ग़ौर से खंगालिए उनमें क्‍या है? क्‍या बारहवीं और दसवीं की किसी पुस्‍तक में इस प्रश्‍न का उत्‍तर या …
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धूंए में उड़ता बचपन !

मेरा गाँव राजस्‍थान में स्थित है। गाँव की ज़मीन व गाँव की रोही में उपलब्ध जिप्सम की प्रचुर मात्रा की वजह से क्षेत्र में चर्चित …
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कठघरे में लोकतंत्र !

इन दिनों दर्जनभर पढ़ी किताबों में से एक है चर्चित लेखिका अरुन्‍धति रॉय की यह किताब – कठघरे में लोकतंत्र ! कल से सोशल मीडिया …
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मुझे पाकिस्‍तान से प्रेम है !

पिछले बरस चौथी कक्षा की एक छात्रा ने मेरे हाथ में अपनी कॉपी का रिक्‍त पन्‍ना थमाकर पेन देते हुए बोलीं कि आप अपने सबसे …
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kumar shyam artical

भारत ने वैज्ञानिक पैदा नहीं किए !

इतिहासकार राम शरण शर्मा अपनी पुस्‍तक India’s Ancient Past में जर्मन इतिहासकार एफ. मैक्‍स म्‍यूलर के हवाले से लिखते हैं- “उन्‍होंने कहा कि प्राचीन भारतीयों …
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neem ke patte kumar shyam

नीम के पत्‍ते !

मुहब्‍बत के शुरूआती दिनों का ग़वाह एक वृक्ष था। नीम का वृक्ष। जिप्‍सम के सख्‍़त सीने को चीरकर उगा था वोह हमारी मुहब्‍बत को छांव …
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