डायरी

neem ke patte kumar shyam

नीम के पत्‍ते !

मुहब्‍बत के शुरूआती दिनों का ग़वाह एक वृक्ष था। नीम का वृक्ष। जिप्‍सम के सख्‍़त सीने को चीरकर उगा था वोह हमारी मुहब्‍बत को छांव …
Read more About नीम के पत्‍ते !